प्रश्नोत्तर P16-0129 · भाग 16
ज्ञान के बाद भी क्या वह बुद्धि का उपयोग करता है? और क्या वह आंतरिक यात्रा करता है?
ज्ञान के बाद भी वह बुद्धि का उपयोग करता है — समाज को ज्ञान देने के लिए तो करना ही होगा। आंतरिक यात्रा ऐसे है: जैसे कोई मादा गर्भ धारण कर ले, तो अब उसे नर की जरूरत नहीं; अब वह मां बनने की आंतरिक यात्रा कर रही है, बस खानपान पर ध्यान दे रही है। मां बनने के लिए अब उसे कोई प्रयास नहीं करना; प्रयास गर्भ धारण तक करना था। वैसे ही अपने को निर्विकार कराने के लिए हमें प्रयास करना है; निर्विकार हो गए तो बात खत्म, अब इंतजार। उसमें वह कुछ कर भी नहीं सकता — मां काम करे या ना करे, मां बनने की यात्रा हो रही है। वैसे ही आत्म में कोई स्थिर हो गया तो बस आंतरिक यात्रा चल रही है, वह काम करे चाहे ना करे। उसमें दया और प्रेम रहता है — कि मैं कभी भटका था, समाज के लोगों ने भोजन और रहने की व्यवस्था में हमारी मदद की, जिन्हें हम जानते भी नहीं — तो उसमें दया, करुणा, प्रेम रहता है। वह समाज में आत्मिक कल्याण के लिए ज्ञान बांटता है; क्योंकि अब वह ज्ञान उसके काम का नहीं रहा, लेकिन लोगों के काम का है, तो बांटता रहता है, उसमें मेहनत करता रहता है, और उसकी आंतरिक यात्रा हो रही है।
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वीडियो: मैंने सुना है परमात्मा मन बुद्धि से परे हैं क्या यह सच है ? / #Parmatma #yogijikasatsang · 2024-08-19