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प्रश्नोत्तर P16-0130 · भाग 16

जो व्यक्ति दुष्कर्म करता है, क्या वह प्रकृति के गुण होते हैं या मनुष्य का चुनाव होता है? अगर चुनाव मनुष्य का नहीं, तो मनुष्य दुख क्यों भोगता है?

चुनाव तो हमारा ही है, तभी तो हमें अच्छे-बुरे का पता है। अगर चुनाव प्रकृति का हो तो हम दुख क्यों भोगते? दुख तो हम भोग रहे हैं, पीड़ा हम झेल रहे हैं। हम बोलते हैं प्रकृति से जुड़े हैं — हम कहां जुड़े हैं? हम तो अपने आप से भी नहीं जुड़ पाए, हम तो वासनाओं से, कामनाओं से जुड़े हैं। प्रकृति से तो हमारा जीवन है, हम उससे अपनी जरूरत की पूर्ति कर रहे हैं। जिससे हम जुड़े होते हैं — अपने घर-परिवार से — उसे हम नुकसान पहुंचाते हैं क्या? अगर प्रकृति से जुड़े होते तो प्रकृति को नुकसान पहुंचाते क्या, प्रकृति में गंदगी करते क्या? प्रकृति का सदुपयोग करोगे तो मुक्ति से मोक्ष तक पहुंचोगे, दुरुपयोग करोगे तो यहीं भोगोगे। इसलिए सदुपयोग करो और आगे बढ़ो।

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वीडियो: मैंने सुना है परमात्मा मन बुद्धि से परे हैं क्या यह सच है ? / #Parmatma #yogijikasatsang · 2024-08-19