प्रश्नोत्तर P16-0128 · भाग 16
गुरु जी, जो यात्रा करता है, वह कौन होता है?
यात्रा करने वाले तुम ही हो — चाहे बाहर जगत की यात्रा करो, चाहे आंतरिक। जो है, तुम ही हो; शरीर शरीर है, हम हैं, और बाकी भ्रम हो गया है। हमें रस में जीने की आदत पड़ गई है, इसलिए हम अकेले बैठ नहीं पाते — कुछ ना कुछ चाहिए, कुछ ना कुछ होना चाहिए।
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वीडियो: मैंने सुना है परमात्मा मन बुद्धि से परे हैं क्या यह सच है ? / #Parmatma #yogijikasatsang · 2024-08-19