आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P15-0149 · भाग 15

मन और शरीर की गति एक जैसी नहीं है, फिर भी दोनों के बीच समन्वय कैसे बनेगा?

आपको क्या करना है? आपको उपयोग करना है, आगे बढ़ना है। अगर आप दिन भर गिनना चालू करो कि देखता हूं मेरी पलक कितनी बार झपकती है, या दिन में कितनी बार सांस लेते-छोड़ते हो, तो वो दिन पूरा आपका नर्क हो जाएगा। भैया, ये सब के चक्कर में ना पड़ो; जिंदगी को जियो और निकल लो, नई-नई परेशानी मत पैदा करो।

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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11