प्रश्नोत्तर P15-0150 · भाग 15
मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार — ये अंतःकरण में, शरीर में कहां रहते हैं? कोई कहता है यह शरीर ही मन है — क्या यह सही है?
नहीं। जैसे मान की इच्छा है, कुछ बनना है, तो अहम भाव आता है; मान की इच्छा नहीं है, कुछ बनना नहीं, तो अहम भाव आता नहीं। यह आता है और जाता है; कहां से आता है, कहां जाता है, किसी को पता नहीं। जैसे आप बैठे हो, किसी ने आके चिकोटी काटी, तो दर्द कहां से आया? अभी तक तो नहीं था। और छोड़ दिया, तो कहां गया? जब तक पकड़े हो, है। अगर आप बोलोगे कि आपका दर्द मुझे दिखाओ, तो मैं कैसे दिखाऊं? कुछ चीजें देखी नहीं जा सकतीं, उनका एहसास किया जा सकता है — जैसे दर्द महसूस किया जा सकता है, देखा-दिखाया नहीं जा सकता। वो कहां से आता है, कहां जाता है, पता नहीं। यह सब के चक्कर में ना पड़ो।
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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11