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प्रश्नोत्तर P9-0015 · भाग 9

उस समय आपने आश्वासन दिया था कि बेटा थोड़ा और रुक जाए, जबकि घर वाले मना कर रहे थे। हमने समझा दिया था, फिर आपके आश्वासन के बाद सोचा कि थोड़ा और समय लेंगे। आपने मां से भी बात की और मुझसे भी। घर पर ठीक से बता नहीं दिया गया। आप कहते हो कि आप अंदर की बात नहीं जानते, बस बोल देते हो। हमने घर में कह दिया कि बाबा से सीधे बात कर ली, तो कोई दिक्कत नहीं। इस पर आप क्या कहते हैं?

नहीं। देखो, हमारी बात इससे भी हुई, तुमसे भी हुई। मैंने बोला, बेटा ठीक-ठाक है। तू भी अपने आत्मिक कल्याण के लिए आ सकती है। अगर यह कुछ दिन के लिए आया है, आत्मिक कल्याण के लिए, तो रहने दे। तो बोली, ठीक है बाबा। हमने इससे कहा, तू बात कर ले। तो बात नहीं की। अब देखिए, मेरा काम मैंने अपनी तरफ से कर दिया। जैसे मैंने बोला कि बात कर ले, बता दे उसे। अगर तू बता देता, तो तू ईमानदार रह जाता, कि मैं दो दिन और रुकूंगा। उसे भी पता चल जाता कि चलो, गए हैं इतने दूर, तो दो-तीन दिन और रुकेंगे, कोई बात नहीं है। अब नहीं बताया, तो तुम जानो। मैं तो इससे भी बात करके समझा दिया कि बेटा, कोई दिक्कत नहीं है। वह अपने आत्मिक कल्याण के लिए आया है, दो-चार दिन में क्या हो जाएगा। सब ठीक-ठाक है। मैंने पूछा, कोई तकलीफ तो नहीं है तुझे? तूने कहा, कोई तकलीफ नहीं है। तो मैंने तो अपना कर्म कर दिया। अगर तू बोलती कि तकलीफ है, तो मैं तुरंत इसको कहता कि तुम जाओ। लेकिन तुमने कहा कि नहीं बाबा, सब ठीक-ठाक है। तो मैंने कहा कि दो-चार दिन रहने दे इसे। इतनी दूर से आया है। कब आएगा, कब नहीं आएगा। फिर तुझसे बात करने के बाद मैंने इससे कहा कि तू एक बार अपने घर पर बात करके बता दे। मेरा काम खत्म। मैंने कहा था कि जब बात हो गई, जहां पर यह गया है, बात हो गई, तो मैंने इसे कह दिया कि बात कर लो। तो आपको भी थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। क्योंकि बात तो हो गई। वह सुरक्षित है, ठीक-ठाक है, चला भी जाएगा। जिसके सानिध्य में वह गया, वह खुद कह रहा है कि बड़े आराम से है, अच्छे से है। तो थोड़ा हमें भी धैर्य रखना चाहिए। हमें भी समझना पड़ेगा। क्योंकि यह मौज करने के लिए तो निकला नहीं था। यह अपने आत्मिक कल्याण के लिए निकला है, और तुमने ही भेजा था। तुमने भरोसे के साथ भेजा था। ऐसा तो नहीं कि तुम्हें झटका देकर आया था, जबरदस्ती आया था। ऐसी बात तो नहीं थी। मुझे देखिए, मुझे जितना बताओगे, उतना मैं जानूंगा। आप लोग नहीं बताओगे, तो मैं अंदर की बात थोड़ी न जानूंगा। मुझसे क्या मतलब? मुझे जितना बताया है, मैं उस पर बोल रहा हूं। तो मैंने तुझसे भी बात कर ली। मैंने इससे भी बोल दिया। तो मैं तो वहां से हट गया। अब यह जाने, तुम जानो। इसके कर्म का परिणाम इसे मिलेगा। तुम्हारे कर्मों का परिणाम तुम्हें मिलेगा। मैं अपनी तरफ से सही हो गया। तुम्हें भी संदेश दे दिया कि वह सुरक्षित है। और इससे भी कहा कि अपने घर पर बात करो। मैं तो वहां से हट गया।

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वीडियो: Live के प्रश्न और उत्तर स्वयं के सामर्थ को जांच कर आगे बढ़े । #योगी · 2026-06-05