प्रश्नोत्तर P7-0187 · भाग 7
संसार में चिंतन नहीं होता। मैंने बहुत प्रयास किया। आठ दिन तक लगा रहा, कुछ नहीं हुआ। हार गया। यहां से चार्ज होकर गया था, पर धीमे-धीमे डाउन होता गया। शब्द याद रखकर, साक्षी भाव में, कहीं भी रहें तो क्या गिरना रुकता है? यहां और संसार में फर्क क्यों है?
संसार में पूरी तरह नहीं होता। नहीं होता। मैंने देखा है। आठ दिन लगे रहो, और कुछ नहीं हुआ, तो हार जाते हो। संसार में नहीं हो पाता। यहां से चार्ज होकर गए, और धीमे-धीमे डाउन होते गए। होता है। कुछ नहीं हुआ। कुछ भी नहीं है।
जैसे तेरा मोबाइल है। चार्ज तभी तक रहेगा, जब तक यह लगा रहेगा। और जैसे ही तूने निकाल के हटाया, डिस्चार्ज होना चालू हो जाएगा। जैसे ही निकाला, डिस्चार्ज चालू। या तो चार्ज हो रहा था, या डिस्चार्ज होगा। दो में से एक होगा। यूज करो, चाहे। तुमने बस निकाल लिया। या तो चार्ज होगा, या डिस्चार्ज होगा। यहां हर चीज ऐसी होती है। तो या तो तुम्हारा स्तर ऊपर जा रहा है, या नीचे जा रहा है। दो में से एक हो रहा है। लगे रहोगे, तो हो जाएगा। तुम लगे रहोगे, तो एक दिन उस मूल तक पहुंच जाओगे। बातें खत्म हो जाएंगी। परिणाम तक पहुंच जाओगे।
यहां हर चीज परिवर्तनशील है। अपने आप कमरे में कुछ मत करो, बंद कर दो। कुछ दिन बाद आओ, गंदा पाओगे। यहां हर चीज परिवर्तनशील है। चार्जर भी लगा रहे, तो बैटरी बेकार हो जाती है, खुल जाती है।
बिल्कुल शून्य हो रहे हो, तो इसका मतलब तुम इन शब्दों पर चल नहीं रहे। यहां प्रभाव साक्षात है। एकदम तेजी से होगा, क्योंकि यहां कोई प्रपंच नहीं है। यहां सत्य का अनुशासन है। जब मौन धारण कर लेते हो, और भय से बोलो या जो भी बोलो, उसमें जब रहते हो, तो दूसरा ही प्रभाव होता है। ऊर्जा भी साथ-साथ काम करती है। अगर शब्दों को याद रखोगे, और उनमें जियोगे, तो कहीं भी रहो, उन्नति ही होगी। होगा क्यों नहीं होगा?
लग जाओ कल्याण के लिए। मौका मिला है। जिंदगी ने मौका दिया है। समय भी है, समझ भी है। सब साथ चलता क्यों? जो कर रहे हो, वह किसी अपनी जरूरत में किया जा रहा है। भगवान मिल गए। अब देख लो। आप देखो कि आप कैसे रह रहे हो। लोगों की फिक्र करना छोड़ दो। पहले अपनी फिक्र करो, कि आप कैसे रह रहे हो।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 12 अप्रैल 2026, अपनों की कुटिया में सत्संग समझो #योगी · 2026-04-12