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प्रश्नोत्तर P6-0139 · भाग 6

मैं जीवन में बहुत दुखी हूं।

जीवन में दुख के लिए काम किए होंगे, तो दुखी हो। इसमें कौन सी गंभीर बात नहीं है। आप दुखी हो, आप परेशान हो, इसमें गंभीरता ना लेना। आप पीछे कर्म देखो, तो कहोगे, इससे ज्यादा दुखी मुझे रहना चाहिए था। जैसे आप दूसरों को देखते हो, दूसरे के कर्म को देखते हो, वैसे काश अपने कर्म को देख के फैसला लेते, तो ज्यादा अच्छा रहता।

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वीडियो: Sunday Q&A August 2, 2026 #Yogi · 2026-08-02