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प्रश्नोत्तर P6-0106 · भाग 6

साधना में पहले लगा कि कोई बहुत ऊपर ले जा रहा है। फिर दो दिन एक साया दिखा। फिर ईसा मसीह स्पष्ट दिखे और देर तक प्रकाश देते रहे। असीम शांति हुई। सनातन, कुरान और गुरु ग्रंथ साहिब पढ़े हैं, ईसाई धर्म इस जन्म में नहीं पढ़ा। ईसा मसीह कैसे दर्शन दे गए? परिवार का कोई आ जाए तो क्या करूं?

जब मैं कहीं गिरता हूं, तो जरूरी नहीं कि जिसके बारे में मैं जानता हूं वही मुझे उठाने आए। कोई भी आ सकता है। उस समय जो मौजूद है, वह आकर मदद कर देगा। उसे तुम ईसाई मानो, मुस्लिम मानो, या हिंदू मानो। ईसा मसीह स्पष्ट दिखे। मैं वही कह रहा हूं। तुम्हें बस उठना है। कोई मदद करने आ गया, तो मदद ले लेना। बस। कौन है, इससे मतलब नहीं। तुम जहां हो, वह निमित्त है। जब तक साधना में रहो, तब तक परिवार का कोई यहां आए तो बातचीत मत करना। यहां के लोगों को मैं कह दूंगा। कोई आए तो बोल देना, यहां बात नहीं होती, आप वापस चले जाओ। यह व्यक्तिगत सलाह है। उनकी तरफ नजर भी मत मारना। बात कर लोगी तो साधना में रुकावट आ जाएगी। कोई भी आए, उसकी तरफ देखना भी नहीं, जब तक यहां रहकर साधना करनी है। इसका खास ख्याल रखना। उस आनंद में रहो। उसे महसूस करो। उसी में रहो। आनंद को परिभाषित नहीं किया जा सकता। शब्दों में कहा नहीं जा सकता। तो उसी में रहो। कोई परिचित आए तो उससे बात एकदम नहीं करनी। मैं उन्हें मैसेज नहीं भेजूंगा। जब सामने आएंगे, तभी पता चलेगा कि तुम बात करती हो या नहीं। प्रकृति पर छोड़ दो। उन्हें मैसेज दे दिया तो प्रकृति के खिलाफ हो जाएगा। मैं उन्हें आने के लिए बुलवा नहीं सकता, और मना भी नहीं कर सकता। तुम साधना में हो। मैं तुम्हें बोल सकता हूं। मेरा अधिकार तुम पर है, उन पर नहीं। कोई परिचित आए तो उसकी तरफ देखना भी नहीं। जैसे इन लोगों को देखती हो, वैसे उसे देखना। उसी में परीक्षा होगी। इसलिए सचेत कर रहा हूं। मैं उन्हें मना कर दूं तो एक बंधन बन जाएगा। फिर तुम्हारी स्थिति का तुम्हें भी पता नहीं चलेगा। ऐसा माहौल बने तो यही करना। मैंने सचेत कर दिया। यह व्यक्तिगत है। जैसे साधना में आगे बढ़ रही हो, वैसे यह आदेश तुम्हारे लिए है। मेरा निजी आदेश नहीं है। तुम्हारे लिए आदेश आया, इसलिए सचेत कर रहा हूं। उन्नति बहुत अच्छी हो रही है। बहुत तेजी से हो रही है।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 7 जून 2026 #योगी · 2026-06-07