आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P5-0060 · भाग 5

ईमानदार रहने की कोशिश करता हूं — जॉब में, रिश्तों में — पर जब सच बोलता हूं तो उल्टा कष्ट होता है। क्यों?

कष्ट इसलिए होता है कि जिस रिश्ते को आपने खड़ा किया है, जिनके साथ हो, उनका जीवन बेईमानी से है। उनको आपने बेईमानी से अपनाया है। आपने ईमानदारी से नहीं अपनाया। अगर शुरुआत में ही ईमानदारी से अपनाते तो यह कष्ट नहीं होता। जब नया रिश्ता बनाते हो तो बहुत सारी बातें करते हो कि यह करेंगे, वह करेंगे। वह सारी बातें ईमानदारी की नहीं होतीं। रिश्ता बनाने के बाद फिर ईमानदार बनोगे, तो कष्ट होगा। जैसे आप जॉब करने गए, तो आप अपने बारे में बता दीजिए कि मैं जिस पद को स्वीकार कर रहा हूं, उस पद का मुझे काम बताइए, और उस काम के अलावा मैं कुछ नहीं करूंगा। यह आपको बोलना पड़ेगा। लेकिन जॉब पकड़ने के लिए कुछ भी बोल देना। जब बेईमानी से ही पकड़ा है, तो जब वहां ईमानदारी अपनाओगे तो आपको तकलीफ बहुत होगी, क्योंकि बेईमानों की संख्या ज्यादा है। आप अपने बारे में पहले बता दो कि मैं ऐसा हूं, और मैं ऐसा करूंगा, न आगे न पीछे। अगर स्वीकार करो तो ठीक है। नहीं स्वीकार करते तो मैं जा रहा हूं। तकलीफ तब होती है जब हम शुरुआत बेईमानी से करते हैं और फिर उम्मीद करते हैं ईमानदारी की। अगर शुरुआत बेईमानी से कर दी है, तो अब उससे बोलो। वह छूट भी सकता है, कुछ भी हो सकता है। तकलीफ होगी आपको। हो सकता है वह छोड़ के चला जाए। लेकिन आप तो रहोगे। कम से कम घुटन में तो नहीं जियोगे। कम से कम छूटे तो ईमानदार बनके छूटे। अब से शुरू कर दो। प्रॉब्लम तो होनी ही है, क्योंकि आपने हर रिश्ते को, हर पल को बेईमानी से प्राप्त किया है। कहीं न कहीं आपने खुल के बात नहीं की। दबाव में, संकोच में, परिस्थिति के कारण, स्थिति के कारण, कि नौकरी न मिले अगर मैं सच बोलना चालू कर दूं। आप अपने बारे में पहले बता दो कि मैं ऐसा हूं। जिस पद के लिए आया हूं, इस पद का काम मुझे इतना आता है, और मैं इस पद को तभी अपनाऊंगा जब आप मेरी बात सुनेंगे। अगर मेरी जरूरत है तो आप बोलिए। मैं इस पद के अलावा कोई काम नहीं करूंगा। अगर आप मुझसे पहले से और काम बोलोगे तो मैं कुछ करने वाला नहीं। पहले मुझे पूरा बता दीजिए, काम का सिस्टम क्या है आपका, आप क्या करते हो। आप जानो कि आपका काम क्या है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 9 अगस्त 2026 · 2026-08-09