प्रश्नोत्तर P3-0013 · भाग 3
एक साल साधकों को बहुत समय दिया; अब स्पेस कहां — ज्ञान रूपी बीज कहां बोएं कि दरख्त बने? हम अंदर स्पेस/प्रबल जिज्ञासा कैसे बनाएं?
जिज्ञासा प्रबल उतनी स्पेस। शब्दों में ‘मैं जिज्ञासु हूं’ से नहीं। पंजाब वाले को कहा — पैसे की कमी नहीं तो 21000 क्यों, 21 लाख क्यों नहीं — बोलने से नहीं, करने से होगा। जिज्ञासा है तो सत्संग कराओ नहीं तो मत कराओ; मैं भी थक चुका। शरीर थकता है; जिज्ञासु ज्यादा रहेंगे तो जिज्ञासु से बात नहीं कर पाऊंगा।
जिज्ञासु हो तो कराना, नहीं तो मत करा। जरूरत हो तो आओ सत्संग-साधना; वीडियो से बदलाव आ रहा हो तो सुनो नहीं तो अनसब्सक्राइब। समय बर्बाद मत करो। आपकी जरूरत अब मुझे नहीं — आपके लिए कर रहा हूं; लाभ ले रहे हो तो सहयोग करो। जरूरत है तो रुको नहीं जाओ; परेशान मत करो।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: मेरी समझ कैसे पक्का करूं ? #योगी · 2026-01-08