आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P3-0012 · भाग 3

प्रारब्ध से आजीविका मिल रही हो, ऐशोआराम या संचय में खर्च करे, सत्कर्म न करे — परिणाम क्या? ऊर्जा सत्कर्म में कैसे लगाएं?

जैसे एक को अनाज मिल रहा — एक खा रहा बो नहीं रहा, एक रख रहा: एक सड़ेगा, एक खाके शरीर खत्म। दोनों खत्म। अगर बीज कहीं डालता तो कई गुना — उसी को सत्कर्म कहते हैं। बिना किए सुख मिल रहा हो तो आगे बढ़ोतरी करो; कुएं का मेंढक मत बनो। ऊर्जा जितनी है सत्कर्म में जांच के बाद लगाओ — कई गुना बढ़ेगी। बीज कहां डाल रहे हो — पत्थर या मिट्टी? पानी-व्यवस्था? पांच तत्व चाहिए; एक भी कम तो वृक्ष नहीं। ऊर्जा कहां खर्च — जरूरत है क्या, स्पेस है क्या? जरूरत कैसी — दारू की तो नहीं? इससे आत्मिक स्तर उठेगा? जरूरतमंद कौन — आवरण से नहीं; पक्का जरूरत है क्या?

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वीडियो: मेरी समझ कैसे पक्का करूं ? #योगी · 2026-01-08