प्रश्नोत्तर P20-0075 · भाग 20
गुरु जी, परिवार में साझी जमीन-जायदाद का लेन-देन करना हो तो कैसे करें?
अपनी बात सीधी रख दो — "दूसरों को बेचने से अच्छा आप ही ले लो, मुझे बस मूल्य चाहिए; अमाउंट बताओ और कब तक दोगे यह बताओ, उस समय को पार मत करना।" सीधी सी बात। हिसाब पूरी तरह करिए, हिसाब में समझौता न करना — समझौता करने वाला व्यक्ति गिर जाता है; आधा है तो आधा। बात रख दी तो बिना मतलब बार-बार जाकर वही बात दोहराने की जरूरत नहीं; यहां न अध्यात्म है न भौतिक, अभी तो लेन-देन की बात है।
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वीडियो: परिवार में मतभेद क्यों होते हैं? | एक आध्यात्मिक दृष्टिकोण · 2025-07-16