प्रश्नोत्तर P20-0045 · भाग 20
गुरु जी, संतों ने कलियुग में "नाम आधारा" बताया है, पर आप केवल सत्कर्म करने को कहते हैं, नाम-स्मरण की बात नहीं — ऐसा क्यों?
नाम आधारा मतलब नाम ले लिया तो वाल्मीकि की तरह बैठ जाओ, जब तक उपलब्धि न हो जाए उठो ही मत — उस स्थिति में नाम जपना है। एक-दो माला जप लो और दिन भर जेब काटो — ऐसी माला का कोई मतलब है?
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वीडियो: ब्रह्म जीव और माया में क्या भेद है ? #yogijikasatsang #aadhyatmik_satsang #livesatsang #gyan · 2024-12-26