प्रश्नोत्तर P20-0044 · भाग 20
गुरु जी, बहुत गुरु कहते हैं भीतर जाओ — भीतर जाने का असली अर्थ क्या है? ध्यान शरीर के भीतर लगाना है या बाहर?
इच्छा-अपेक्षा से अपने आप को छुड़ा लो, यही भीतर जाना है। परिणाम बस इच्छा-अपेक्षा से मुक्त होना है — न भीतर, न बाहर, खत्म।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: ब्रह्म जीव और माया में क्या भेद है ? #yogijikasatsang #aadhyatmik_satsang #livesatsang #gyan · 2024-12-26