प्रश्नोत्तर P19-0150 · भाग 19
गुरु जी, आप साधकों से घंटों ध्यान या कोई साधना क्यों नहीं करवाते? क्या सिर्फ सत्संग से आत्मज्ञान हो सकता है?
जब मुझे प्रत्यक्ष मिल गया कि बिना मेहनत के ये पार हो सकते हैं, तो इन्हें घंटों ध्यान में बिठाकर, यह करो-वह करो कराकर परेशान क्यों करूं, इनके घंटे क्यों बर्बाद करूं — उससे कुछ हल भी नहीं हो रहा। एटीएम से पैसे निकालने जितना सरल मार्ग मैंने खोजा है; एक आदमी तो इसमें खत्म हुआ ही है — कॉलेज से निकला था, बाल सफेद हो गए — आप क्यों खत्म हो रहे हो? उसके अनुभव का फायदा उठाओ, समझकर निकल लो। हां, सत्संग से भी आत्मज्ञान हो जाता है — अर्जुन को वहीं हुआ; उन्होंने एक भी विधि का प्रयोग नहीं किया, प्रश्न पूछते गए, उत्तर मिलते गए, समझते गए और विकार धीरे-धीरे खत्म हो गए। सत्संग भी साधना है। बिना ज्ञान के ना भक्ति कर सकते हो, ना ध्यान, ना योग-क्रियाएं — पहले भी ज्ञान चाहिए और आखिर में भी ज्ञान।
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19