प्रश्नोत्तर P19-0145 · भाग 19
गुरु जी, मैं कुटिया आना चाहता हूं, पर मुझे जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत है। क्या उसका कुछ हो सकता है?
भैया, वहीं से लाइव देखो और जब चाहे तब उठो, जब चाहे तब सोओ — यहां आने की आवश्यकता नहीं। यहां आओगे तो यहां के सिस्टम में ही रहना पड़ेगा; हो सकता है रात को सत्संग हो तो सुबह तक बैठना पड़े, सुबह सोना पड़े, दिन में देर से उठना पड़े — क्योंकि एक व्यक्ति भी तो जाग रहा है, बैठा है। हां, कोई बुजुर्ग या रोगी हो तो हम खुद कहते हैं आप आराम करिए। और नियम का पालन वहां तक करिए जहां तक पूरी तरह बर्दाश्त कर सकें; उसके आगे अपनी बात रख सकते हैं।
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19