प्रश्नोत्तर P18-0037 · भाग 18
गुरु जी, वह चिलम वाली घटना क्या थी?
नर्मदा तट पर एक बाबा जी मिले जो चिलम पीते थे और बोले थे "मैं बताऊंगा"। जिसने कहा कि बताऊंगा, मैं उसके सोने के बाद सोता और उठने से पहले उठ जाता। एक दिन उन्होंने चिलम मेरी तरफ बढ़ाई — मैंने पूछा, इससे परमात्मा मिलेगा? पक्का बताइए; मिलेगा तो दिन भर पीऊंगा, मुंह से चिलम निकालूंगा ही नहीं। बोले नहीं, इससे परमात्मा नहीं मिलेगा, एक नशा है। मैंने कहा तो मुझे नशा नहीं करना, मैं आत्मज्ञान के लिए निकला हूं — उन्होंने चिलम हटा ली। मैं कभी किसी का खंडन नहीं करता था; जो कोई जो बता दे, करता था, और जब वह कहता "जाओ", तो धन्यवाद देकर निकल जाता — इतना समय दिया, यही बहुत है। पर बात हमेशा खोज की ही करता था।
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वीडियो: योगीजी की आत्मकथा अज्ञान से ज्ञान तक खोज में कुछ अनुभव की बातें ! #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2024-08-25