प्रश्नोत्तर P17-0134 · भाग 17
गुरु जी, यहां (कुटिया में) आकर यह तो पता चल रहा है कि नया नहीं भर रहा, पर जो पहले से भरा है वह खाली हो रहा है या नहीं — यह कैसे पता चलेगा?
इस दुनिया में कुछ भी एक जैसा नहीं रहता, हर पल बदलता है — या ऊपर जाता है या नीचे आता है। तो या तो आप लिप्त हो रहे हो, या छूट रहे हो; दो में से एक होता ही रहता है। आपकी समझ भी हर पल बदल रही है। आपको खुद देखना है कि कहीं यहां भी वही पुरानी दुनिया की हैबिट तो नहीं चला रहे — कहीं यहां लोगों से परिचय बनाकर, एक नए परिचय में जीकर, अलग ढंग से अपने आप को फिर से तो नहीं भर रहे। जीवित गुरु होगा तो वह भरने ही नहीं देगा, वह आपका व्यवहार ही नहीं बनने देगा।
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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21