प्रश्नोत्तर P15-0143 · भाग 15
मन के इस जाल में से कैसे बाहर निकलना है? शरीर को जो आदतें लग गई हैं?
बस मत दो, देना बंद करो। शरीर को जरूरत है शब्द, दृश्य, गंध, रस और स्पर्श की। भोजन और सांस का आवागमन तो करना ही पड़ेगा, इसे तो नहीं रोक सकते, तो यह देना बहुत जरूरी है। बाकी दृश्य, शब्द और स्पर्श देना ना देना आपके ऊपर है। ईमानदारी से दोगे तो मुक्ति, बेईमानी से दोगे तो बंधन। बस बात खत्म, देख लो क्या करना है।
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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11