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प्रश्नोत्तर P15-0142 · भाग 15

जीवात्मा और परमात्मा के बारे में बताइए।

इसमें बताना क्या है? समझ के निकालो अपने आप को। इच्छा-अपेक्षा में हो तो जीवात्मा; इच्छा-अपेक्षा से मुक्त हो गए तो आत्मस्थिर हो गए। आत्मा परमात्मा की यात्रा करवाएगा, और इच्छा-अपेक्षा में हो तो जीवात्मा संसार की यात्रा करवाएगा। अब यात्रा कहां की करनी है, देख लो; आपके ऊपर है। इच्छा-अपेक्षा में हो तो अपने जगत में यात्रा कर रहे हो; इच्छा-अपेक्षा से मुक्त हो गए तो इस जगत में आ गए, अपने पिंड में आ गए, और पिंड में आ गए तो आत्मा परमात्मा की यात्रा करवाएगा। अभी तो आप अपने जगत में हो — इस जगत में आपने एक जगत बनाया, उस जगत में घूम रहे हो। सबकी यहां अपनी-अपनी दुनिया है; अनंत दुनिया है, यही तो है अनंत ब्रह्मांड। एक ही घर में बाप की अलग दुनिया, बेटे की अलग, पत्नी की अलग, बेटी की अलग; और सबकी दुनिया में अलग-अलग लोग हैं, अलग-अलग रोल हैं — आपके बाप की दुनिया में आप उसके बेटे हो, आपके लड़के की दुनिया में आप उसके बाप हो। सब अपनी दुनिया में उलझे हुए हैं।

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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11