आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P14-0121 · भाग 14

गुरु जी, अभिमान और अहम को थोड़ा विस्तार से समझाइए।

अभिमान का मतलब होता है — मैं कुछ हूं, कुछ बड़ा हूं, अनेक लोग छोटे हैं। अभिमान हुआ तो अहम अपने आप आ जाता है, और उस अहम भाव की वजह से हम अनेकों का अपमान करते रहते हैं। अभिमान नहीं होना चाहिए, स्वाभिमान होना चाहिए — अपनी आत्मरक्षा करते हुए जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: ईश्वर सर्वव्यापी है इसका क्या मतलब है / #ईश्वर #सर्वव्यापी · 2024-04-10