प्रश्नोत्तर P12-0042 · भाग 12
क्या मुंह पर ही नहीं, अपने अंदर भी शिकायत का भाव नहीं आना चाहिए?
नहीं, शिकायत करना छोड़ो; शिकायत आपको नर्वस बनाएगी, तोड़ देगी। और ऐसा ना हो कि शिकायत करने में आप कुछ नया कर बैठो — शिकायत में फिर आप निंदा करोगे, उस निंदा में किसी का अपमान ही कर दोगे। मायूस मत हो, टूटो मत; क्या कैदी के गिड़गिड़ाने से उसकी सजा कम हो जाती है? ज्यादा बड़बड़ाएगा, जेलर को गाली देगा, तो एक धारा और लग जाएगी। यह शरीर में हम कैदी ही हैं। कैदी अगर ईमानदारी-सत्कर्म के साथ, सेवा-सद्भावना से जेल में जिए तो उसकी कुछ सजा माफ होती है ना — बस इस सिद्धांत को समझ लो। खुशी से, हंसते-मुस्कुराते हुए, जैसा कर्म किया है उसके परिणाम का सामना करते हुए, ईमानदारी-सत्कर्म करते हुए, आत्मिक चिंतन करते हुए अपने निकलने के लिए काम करो।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 4 जनवरी 2026 #योगी · 2026-01-04