प्रश्नोत्तर P11-0019 · भाग 11
आपके प्रवचन सुनकर लगता है कि बाकी सब झंझट, दिखावा, बहकावा है। यहां ना जात है, ना धर्म, ना गरीब-अमीर, कोई भेदभाव नहीं — सिर्फ मानव है। ऐसा क्यों?
मानव जैसा पैदा होता है, यहां वैसा ही है; यहां किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं होता। इतने लोग यहां बैठे हैं, किसी को किसी की जात का पता नहीं, मुझे भी पता नहीं, और पता भी नहीं करना है। मैंने इस स्थान पर कुटिया का निर्माण इसलिए किया कि आप मूल की यात्रा करो। मूल की यात्रा कौन करेगा? जिसे सब छोड़ना है। और जब मैं सब छोड़ने के लिए तैयार हो गया, तो अब मैं कौन सी जात का, कौन सी पांत का — सब खत्म हो गया। यहां चाहे राजा आए चाहे रंक, एक जैसे बैठेंगे। कोई कुर्सी पर बैठा है तो शरीर की जरूरत की वजह से।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 22 फरवरी 2026 #योगी · 2026-02-22