प्रश्नोत्तर P9-0087 · भाग 9
महाजीवन क्या है? यह कहा गया है कि तू ही सबका दृष्टा है और सदा मुक्त है, और तेरा बंधन यही है कि तू अपने को छोड़कर दूसरे को दृष्टा देखता है। इसी बात को सरल भाषा में समझाइए।
तू जो जित है, भाई, वही महाजीवन है। समझ ले। तू एक, सबका दृष्टा है, और सदा ही मुक्त है। तेरा बंधन यही है कि तू अपने को छोड़कर दूसरे को दृष्टा देखता है।
एक तू ही सबका दृष्टा है। कहने का मतलब, दुनिया तुझसे है। जितना तुझे पता है, उतनी तेरी दुनिया है। और तू सदा ही मुक्त है। मुक्त तो है, लेकिन कर्म के बंधन में तू अपने आप को समझकर बांध रहा है। अपने को छोड़कर दूसरे को दृष्टा देखता है, कि मेरे लिए कोई कुछ कर देगा।
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वीडियो: लाइव के प्रश्न और उत्तर अपना स्वयं का कल्याण कैसे करें ? #योगी · 2026-06-06