प्रश्नोत्तर P9-0047 · भाग 9
कबीर, भगवान बुद्ध और कृष्णमूर्ति, क्या सबके अनुभव एक ही होते हैं?
हां। तरीका अलग होता है। समझाने का तरीका अलग होता है, लेकिन आखिरी में अनुभव एक ही जैसा होता है सबका। सब अलग-अलग मार्ग से जाते हैं, अलग-अलग भाव से जाते हैं, लेकिन मूल उनका एक ही है। आखिर में अनुभव एक ही जैसा रहता है।
घुमा-फिराकर, देखिए, हम प्रश्न से मुक्त होने के लिए चले थे, कि मुझे उत्तर मिल जाए। तो जब अवधूत स्थिति आती है, तो हमारे पास न प्रश्न रहता है, न उत्तर रहता है। सिर्फ मैं रहता हूं। कोई इच्छा, अपेक्षा, राग-द्वेष, मोह, आसक्ति, कुछ नहीं। यहां तक कि आत्मज्ञान की भी कोई इच्छा नहीं रहती। कुछ दिन तक वह अवधूत स्थिति में रहता है। उसके बाद प्रश्न और उत्तर, दोनों नहीं रहते। फिर वह आत्म तत्व में स्थिर होते ही, उसके अंदर से उत्तर निकलने लगते हैं, समाज कल्याण के लिए। उस उत्तर का उसके जीवन में कोई महत्व नहीं है।
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वीडियो: Live के प्रश्न और उत्तर स्वयं के सामर्थ को जांच कर आगे बढ़े । #योगी · 2026-06-05