प्रश्नोत्तर P8-0001 · भाग 8
कुंडली शक्ति योगी पूछते हैं, मेरा निकलना पूर्ण रूप से गृहस्थ आश्रम से जीते जी कैसे होगा? मार्गदर्शन करें।
आप कहीं भी हो। आप अगर गृहस्थ जीवन में हो तो कम से कम एक महीना एकांतवास में जाओ, गुरु के सानिध्य में। ग्यारह महीने परिवार को दो। और आप ग्यारह महीने में जितना कमाते हो, गुरु के कार्य में सहयोग करो। जिसे भी आप गुरु समझते हो, उसके कार्य में सहयोग करो। तभी। अब पता चला, मैं गुरु तो मानता हूं, लेकिन उसके काम में कोई सहयोग है नहीं, लाभ बस लेते जा रहा हूं। तो बोझ तले दब जाओगे। क्या होगा? बोझ तले दब जाओगे ना, क्योंकि आपने अपनी योग्यता का तो दिया ही नहीं। तो सत्कर्म तो हुआ ही नहीं ना। कंजूस होकर ईमानदार भी बनके क्या मतलब, मर जाओगे। कंजूस ईमानदार भी बन गए तो कल्याण थोड़ी ना होगा, क्योंकि आपका पिछला कैसे कटेगा। सत्कर्म जरूरी है ना।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 19 अप्रैल 2026, इस वक्त इस दुनिया में सबसे कठिन कार्य क्या है ? #योगी · 2026-04-19