प्रश्नोत्तर P7-0193 · भाग 7
एक साधिका कहती है कि चालाकियां इस तरीके से खत्म नहीं होतीं। यहां आने के लिए जुगाड़ किया, कई लोगों से झूठ बोला, सिर्फ पति से सच बोला कि मैं जा रही हूं। पूछती है, उस झूठ से किसी की हानि तो नहीं हुई?
भाई, चालाक रहोगे तो ऐसे भटकोगे। ईमानदार बनो, समझदार बनो। चालाक भी बनो ना, आत्मिक कल्याण के लिए। बेईमानी में चालाक क्या बनते हो? चालाकी जरूरी है आत्मिक कल्याण के लिए। इसमें बाप नहीं लगेगा। बेईमानी करेगा तो क्या। आत्मिक कल्याण में बेईमानी हो ही नहीं सकती।
मैं तुझसे यह पूछ रहा हूं कि जिससे तुमने झूठ बोला, क्या उसको कोई हानि है? नहीं। तो बस बात खत्म। बस यही पूछना था। कितने लोगों को झूठ बोल के, और एक को ही सच बोला कि मैं जा रही हूं। हां, एक पति को ही सच बोला। तो बस, और कौन है रे? शादी नहीं हुई तो मां-बाप, और शादी हो गई तो पति। तो पति को तो बता के ही आई है। तो बस खत्म।
तुम लोग कहते हो, यार मुझे लोग रोकते हैं। मुझे तो कोई नहीं रोका। मैं सामने हूं। मैं तो कह रहा हूं, कोई मिलने आज तक नहीं आया। दो साल यहां होने वाले हैं। पूरा पता है, लोकेशन है, लाइव देखते हैं। ऐसा नहीं है, सब है। हजारों लोगों ने फायदा लिया है, जिनको फायदा पहुंचाया है। काफी बीमारियों में लाभ पहुंचाया है। कोई एक भी मिलने नहीं आया भाई। क्योंकि उन्हें पता है, मिलेगा ही नहीं अब।
दुनिया जिसको लाभ देखती है उसको ज्यादा पकड़ती है। अरे भाई, जिस जानवर में दूध है उसी को लोग पकड़ेंगे। अब दूध नहीं है, भूल से भी दरवाजे पर चले जाए तो डंडा मार के भगा देंगे। दूध है क्या? तुम्हें कोई पकड़ रहा है क्या? तो तुम काम के हो। बिना काम के तो एक ही पकड़ता है तुम्हें, गुरु। लेकिन तुम मुझसे भी भागते हो। वो कहता है, तुम रुको, मैं सब देता हूं। क्या चाहिए तेरे को? खाना, पीना, रहना। इसी के लिए संसार में तू उपयोग हो रहा है ना? चल, मैं तुझे सब देता हूं, रुक जा। कहते हो, नहीं, यहां मन नहीं लग रहा है। क्यों? क्या चाहिए? खाना, पीना, रहना, फ्री ना? खाना, पीना, रहना तो गुरु तो दे रहा है। लेकिन वहां मन नहीं लगता, क्योंकि वहां प्रपंच नहीं है। वहां दिल नहीं लगता, क्योंकि आपकी चलने नहीं देगा वो।
लोग तो आपको समाज में चलने देते हैं, क्योंकि आपका उपयोग कर रहे हैं। लोग चलने देंगे क्योंकि आपको यूज कर रहे हैं। और गुरु चलने नहीं देगा। क्यों नहीं चलने देगा? क्योंकि तुम्हारी चली तो तुम अपना पतन करोगे। तो वो कहता है, तुम मेरे तरीके से चलो, जिसमें तेरा उद्धार हो जाए। अब निशुल्क व्यवस्था है, सत्संग है, सब है। कितने लोग हैं खड़े, देख लो, गिन लो। और हम चौदह हैं, इधर खड़े रहे आपके साथ। मुझे छोड़ दो। मुझे क्या लोगे? हम तो सिर्फ आपके लिए। अगर मैं यहां हूं तो आप लोगों के लिए। आप लोगों के लिए मैं यहां खड़ा हूं। मुझे पता नहीं होता कि मैं कहां होता। अगर मेरा ये काम नहीं होता तो मैं भी बता नहीं सकता कि मैं कहां होता। या तो कहीं पागल की तरह पड़ा रहता, या तो कैसे भी शरीर को छोड़ता। और कोई तो काम इस दुनिया में था नहीं। क्योंकि रिश्तों की तो बात हमने बता दी। एक आदमी भी मेरा इंतजार नहीं कर रहा है। पता नहीं आप लोग कैसे कहते हो कि मुझे लोग पकड़ रहे हैं। तूने उनको पकड़ कर उपयोग किया। किसी ने किसी को पकड़ा नहीं। पकड़ा और उपयोग किया। अब उपयोग हो रहे हैं। वही समझ गई तो।
अगर हम शादी नहीं करते तो जबरदस्ती कौन करता है? कोई नहीं करता रे। शादी भी तुमने की, अपने लिए की, अपनी शरीर की जरूरत के लिए की। अब शादी वाली कह रही है कि ठीक है तू जा, लेकिन हमारी व्यवस्था करके जा। व्यवस्था तो कर दी, फिर भी मत जा। तो उसे जरूरत होगी तेरी। जो भी अभी शरीर में कुछ जान बाकी होगा, कैसे जाने देगी। अभी कुछ बाकी होगा। भाई, भोजन के साथ भोग भी तो चाहिए। सब चाहिए ना। सिर्फ रोटी थोड़ी चाहिए। भोग, भोजन, सब चाहिए।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 19 अप्रैल 2026, इस वक्त इस दुनिया में सबसे कठिन कार्य क्या है ? #योगी · 2026-04-19