प्रश्नोत्तर P7-0185 · भाग 7
ध्यान में क्या रखना चाहिए? हम बैठे-बैठे सोचते नहीं। आत्मिक चिंतन किसे कहें?
ध्यान में बस यह रखना चाहिए, कि अपने आप को मैं कैसे निकाल लूं। इसका ध्यान रखो। जैसे आप कहीं जा रहे हो, तो आपको यह याद रखना है कि मुझे जाना कहां है। लोग रास्ता बता देंगे। लेकिन जाना भूल जाओगे, तो क्या होगा? एक किलोमीटर पर ही भूल गए कि मुझे कहां जाना है, और आप सौ किलोमीटर चले गए। कहां जाना है, यह भूल गए, तो वह सौ किलोमीटर जाना भी बेकार हो जाएगा। आपको यह ध्यान रखना है, कि मुझे इस भवसागर से निकालना है। मुझे इस बंधन से अपने आप को छुड़ाना है। यही आत्मिक चिंतन है।
यह चिंतन करोगे, तो आगे का सब जवाब मिलता जाएगा, किसी के द्वारा। आप यह याद रखो कि मुझे जाना कहां है। तो कोई ना कोई आपको पता बता देगा। कोई ना कोई कुछ दूरी तक मदद कर देगा। और एक दिन आप लक्ष्य तक पहुंच जाओगे। हम बैठे सोचते नहीं, ऐसा नहीं। यह सोचना है, कि मेरा आत्मिक कल्याण कैसे हो। क्या करूं। कैसे अपने आप को निकाल लूं। इस प्रश्न को प्रबल करना है। यही आत्मिक चिंतन है।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 12 अप्रैल 2026, अपनों की कुटिया में सत्संग समझो #योगी · 2026-04-12