प्रश्नोत्तर P7-0055 · भाग 7
खुद को कैसे पाएँ और पहचानें?
दूसरों को पहचानना बंद कर दो। राग-द्वेष में मत पड़ो। बस बचेगा पहचानने वाला।
आप सोचिए, एक आप व्यक्ति हो। आप कभी कहते हो, यह भगवान है, यह शैतान है, यह आदमी है, यह राक्षस है, यह पेड़ है, यह पौधा ताकतवर है, यह कमजोर है, यह अच्छा है, यह बुरा है। यह निर्णय करने वाला सबसे श्रेष्ठ ही हुआ। लेकिन तुम क्या हो। इन्हीं के चक्कर में पड़ गए, गड़बड़ी हो गई।
आप सोचो जरा। वह निर्णय कर रहा है। भगवान है, राक्षस है, सब निर्णय कर रहा है। यह देवी है, यह देवता है, यह ज्ञान है, यह अज्ञान है। सब निर्णय कर रहा है। तो वही तो कह रहा हूँ। उसको कब पकड़ोगे। जब पकड़ने से आप मुक्त हो जाओगे। पकड़ना थोड़ी है। पकड़ने से मुक्त होना है। बचेगा पकड़ने वाला। बात ही खत्म हो जाएगी।
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वीडियो: आध्यात्म को ना जानते हुए ईमानदारी सत्कर्म के साथ क्या आत्मज्ञान संभव है ? #livesatsang · 2025-03-13