आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P7-0042 · भाग 7

जितने संत-सन्यासी को ज्ञान प्राप्त हुआ, उन सबने पूजा-पाठ और आडंबर का विरोध किया। क्या यह सही है?

नहीं। उन्होंने पूजा-पाठ या किसी का विरोध नहीं किया है। उनका यह कहना था कि कुछ चाहिए में पूजा-पाठ मत करो। इससे पतन होगा। कुछ नहीं चाहिए की स्थिति में मैं कुछ भी करूँ, सात्विक तरीके से। उन्होंने विरोध नहीं किया। रामकृष्ण परमहंस ने उपलब्धि के बाद खुद माँ की भक्ति की। संत रविदास जी उपलब्धि के बाद भी गंगा माँ को भेंट भेजते रहे। बोलिए, कहाँ विरोध किया। विरोध करने की जगह नहीं। विरोध नहीं किया। आप गलती कर रहे हो। आप गलती मत करो।

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वीडियो: आध्यात्म को ना जानते हुए ईमानदारी सत्कर्म के साथ क्या आत्मज्ञान संभव है ? #livesatsang · 2025-03-13