प्रश्नोत्तर P7-0030 · भाग 7
भगवान की इच्छा के बिना पत्ता भी नहीं हिलता, क्या यह बात सही है?
हाँ। तो पत्ता ना। पत्ता ना। तुम्हारी बात तो नहीं हुई है। पत्ते की बात हुई है ना। बस बात खत्म। जैसा सवाल, वैसा जवाब। पत्ते की बात हुई है। तुम टेंशन क्यों ले रहे हो। भगवान जाने, पत्ता जाने। तुम तो उसमें हो ही नहीं। तुम बीच में झूठे कूदते हो। पत्ते की बात है।
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वीडियो: आध्यात्म को ना जानते हुए ईमानदारी सत्कर्म के साथ क्या आत्मज्ञान संभव है ? #livesatsang · 2025-03-13