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प्रश्नोत्तर P6-0117 · भाग 6

आपने कहा था, संसार में ग्रस्त हो, विश्राम चाहिए। शुरुआत में एक-दो साल अध्यात्म में पड़े रहो, सत्संग सुनो, फिर अपने आप आध्यात्म में जीने लगोगे। यह क्यों कहा था? किससे कहा था?

इसलिए कहा था, क्योंकि पड़े रहने में तुम होते हो। अभी तक जहां भी थे, किसी और में थे। तुम्हारा मिलना तुमसे हुआ ही नहीं। तुम अपने आप को भरने में ही लगे थे। तो यहां पड़े रहो। पड़े रहना ही साधना है। पड़े रहने का तरीका यहां अलग है। निठल्ले की तरह बिस्तर पर पड़े रहना नहीं। सोए, नींद खुली, स्नान किया, फिर पड़े रहो। ऐसा नहीं। आलसियों की तरह पड़े रहना नहीं। यहां पड़े रहने का तरीका अलग है।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 7 जून 2026 #योगी · 2026-06-07