प्रश्नोत्तर P6-0112 · भाग 6
जैन साधु और उनकी साधना पर आपका क्या मत है? यात्रा में क्या आप उन्हें मिले हैं?
हां, मिला हूं। पर मेरा मत किसी पर नहीं है। मेरा मत बस इतना है कि जिससे आत्मिक कल्याण हो जाए, वह कर लो। मुझे किसी समूह से मतलब नहीं, किसी संप्रदाय से मतलब नहीं, किसी धर्म से मतलब नहीं, किसी अधर्म से मतलब नहीं। मैं ना धार्मिक हूं, ना अधार्मिक। दोनों में नहीं हूं। ना किसी संप्रदाय का हूं, ना मेरा कोई संप्रदाय है। मैं इससे ऊपर उठ चुका हूं। ऊपर उड़ चुका हूं। मत बस इतना है कि जिससे कल्याण हो, वह मार्ग चुनकर आगे बढ़ जाओ। तुम्हें देखना है कि मेरा कल्याण कैसे होगा। किसी के बारे में निर्णय नहीं लेना। निर्णय यही लेना है कि मेरा कल्याण कैसे हो। काश यह निर्णय ले पाता।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 7 जून 2026 #योगी · 2026-06-07