प्रश्नोत्तर P6-0017 · भाग 6
गुरु समझा रहा फिर भी समझ नहीं आ रही — क्या करें?
दो महीने, चार महीने नहीं। वो बात एक जन्म की है। आप समर्पित का मतलब, प्रश्न चिन्ह खत्म। प्रश्नवाचक चिन्ह नहीं, बात खत्म। ये उसकी जवाबदारी है। हो सकता है सौ जन्म बाद आपको ज्ञान कराए। इस बात को समझना। आप जब समर्पित हो गए तो बात खत्म। तब उसकी समय सीमा, अवधि खत्म। समर्पण का मतलब बात खत्म हो गई, प्रश्न चिन्ह खत्म हो गया। अब तुम्हारी जिम्मेदारी नहीं।
लेकिन आदमी ये देखे कि भाई, मेरी ग्रोथ नहीं हो रही। फिर उसका जवाब गुरु ये देता है, तू छोड़ ना, वो बाद में देखेंगे।
अगर आपको लग रहा है मेरी समझ नहीं विकसित हो रही, तो पूछो उससे। वो बताएगा, क्यों नहीं हो रही है, कहां फंसे हो। गुरु तो हर वक्त समझाएगा आपको। गुरु तो ये कह भी नहीं सकता कि आप बैठो। ये देखो, ये मेरे साथ जब से रह रही है। ये अगर दो बजे भी इनका प्रश्न उठा है, तो हम लोग दो तीन बजे रात भी इनके प्रश्न का जवाब देते हैं। दो तीन बजे रात को भी उठ के हम इनके लिए जवाब देते हैं। तो फिर भी मान लो, ना हो रही हो। यह तो इनको पता है। मैं तो अपना काम कर रहा हूं।
गुरु समझा रहा है, समझ में नहीं आ रही है, तो गुरु बताएगा क्यों नहीं समझ में आ रही है। ये गुरु का काम है, कि आपको क्यों नहीं समझ में आ रही है। ये गुरु का काम है।
अगर आपको ये बात समझ में आ गई कि ये पूरी तरह जीवंत गुरु है, और गुरु है, तब तो उसे ना छोड़ो। अगर वो धक्का भी मारे तो ना छोड़ो। लेकिन ये बात आपको समझ में आनी चाहिए। भीड़ देखकर नहीं, और देख के नहीं। अगर एक बार पक्का हो गया कि इसमें पूरी गुरु की क्षमता है, ये मुझे भवसागर से निकाल सकता है, तो वो अगर आपको धक्के मार के भी भगाए तो मत जाओ। और अगर दुनिया को लग जाए ये गुरु है, और आपको लगा कि नहीं, इसमें कोई दम नहीं है, तो अगर वो बांध के भी रोके तो रुकना मत। मेरा यही कहना होता है। अभी आपको तय करना है। ये आपको तय करना है। ज्ञान में कोई कमी ना हो। बाकी चीजों में, जैसे मैंने डिस्कस किया, कि वहां आदमी वो है तो क्या। बाकी से क्या मतलब? मुझे ज्ञान चाहिए। बाकी से क्या मतलब?
आपको तो ज्ञान देगा। आपके साथ अगर कुछ ऐसा व्यवहार कर रहा है तो गुरु लायक नहीं है। वही तो बात है। मेरे साथ वो क्या बर्ताव करेगा, मेरे साथ वो क्या कर रहा है, ये देखना है। और मुझे अपनी समझ से समझना है, क्योंकि आप अपनी समझ से भी आगे बढ़ सकते हो। क्योंकि एक समय आएगा, गुरु भी छूट जाएगा। एक समय ऐसा आएगा, गुरु भी छूट जाएगा, वो शब्द भी छूट जाएगा। तभी तो पहुंचना होगा। तो आप अपनी समझ से ही समझ कर आगे बढ़ो।
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