प्रश्नोत्तर P5-0143 · भाग 5
प्रपंच में रहकर प्रत्यक्ष ज्ञान/आत्मज्ञान कैसे? पुस्तक है? नाम-दम लिया पर आपका सत्संग अच्छा — रास्ता? सांस/मंत्र ही ध्यान?
पहले प्रपंच किसे समझते हो? समाज में रहने को, कि प्रपंच करने को? अगर प्रपंच कर रहे हो तो छोड़ना पड़ेगा और अपने आत्मिक कल्याण के लिए काम करना पड़ेगा, आप चाहे जहां हो। और गृहस्थ जीवन में हो तो कम से कम 12 महीने में एक महीना एकांतवास करो।
प्रत्यक्ष ज्ञान की पुस्तक अभी नहीं है, आगे तैयार हो रही है। अभी मानसिक तैयार हो रही है, आगे तैयार हो ही जाएगी।
आपने नाम-दान ले रखा है और सत्संग अच्छा लगता है, तो जितना सत्संग में बताया जा रहा है, उतना करो।
ध्यान के बहुत वीडियो हैं, वह देखना। ध्यान से आप जो कर रहे हो, उसे ध्यान कहते हैं। ध्यान से काम करना, उस काम में ईमानदारी से कर्म रखना, अगर यह ध्यान है तो वह ध्यान है, और इसी ध्यान से परम ध्यान घटित होगा।
(यहां जो कुत्ते हैं, उनके बारे में किसी ने कमेंट किया था कि आप डॉग लवर नहीं हैं, ब्रांडेड लवर हैं।) मैं आपको बता दूं, मैं लवर सिर्फ एक ही का हूं, अपने आत्मिक कल्याण का। मैंने अपने आत्मिक कल्याण के लिए ही काम किया, और आत्मिक कल्याण के बाद मैं और लोगों का आत्मिक कल्याण कैसे हो जाए, उसके लिए काम कर रहा हूं। तो मैंने यहां अगर डॉग को रखा है, पिल्लों को रखा है, तो यहां की सुरक्षा के लिए रखा है, जरूरत में रखा है। और मैं उन्हीं पिल्लों को रखता हूं जो यहां की सुरक्षा सही से कर पाएं। मैं लवर सिर्फ अपने आत्मिक कल्याण का हूं, परमात्मा का हूं, अपने काम का हूं, और मेरे काम में जितने लोग जरूरत में आते हैं, उनको मैं अपने पास रखता हूं। यहां तक कि मैंने अपने आप को भी उस लायक बनाया। तो मैं अगर किसी से प्रेम करता हूं, तो अपने काम से प्रेम करता हूं; यहां तक कि मैं अपने आप से भी नहीं करता।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 16 अगस्त 2026 · 2026-08-16