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प्रश्नोत्तर P5-0034 · भाग 5

नॉनवेज खाने वाले अच्छे सत्कर्म वाले व्यक्ति को क्या केवल मांस के कारण परमात्मा नहीं मिलेगा? वेज ऑप्शन हो तो क्या?

जिसमें बच्चा पैदा करने की क्षमता हो, उन्हें मारकर नहीं खाना चाहिए। इसलिए कि एहसास होता है, दुख होता है, पीड़ा होती है। अगर उन्हें फीलिंग है कि ये गलत है और फिर भी खा रहे हैं, तब तो नहीं पहुँचेंगे। अगर उन्हें पता ही नहीं है, तब तो उनका दोष ही नहीं है। क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है। अगर वेज का ऑप्शन है तो नहीं खाना चाहिए। और अगर जरूरत है तो खाना चाहिए। बात नफरत की, प्यार की नहीं है। बात समझ की है। हो सकता है वेज खाने वाला बहुत ही गिरा इंसान हो। नॉनवेज खाने वाला बहुत सज्जन इंसान हो। बात ये नहीं है। बात ये है कि क्या करके मैं निकल लूँ। क्या हमारे जीवन में उचित है। क्या करके मैं स्व तक पहुँच जाऊँ। क्या करके मैं अशांत भरे जीवन से मुक्त हो जाऊँ। क्या करके मैं राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, मेरा से मुक्त हो जाऊँ। क्या करके मैं बेईमानी और दुष्कर्म से मुक्त हो जाऊँ। क्या करके मैं प्रसन्नता में जीऊँ। बस इतनी सी बात है। बिना किसी को तकलीफ दिए। मैं आपको बताता हूँ। मेरे लिए सबसे प्यारा अगर जिंदगी में रहा तो काम। आज तक, बचपन से लेकर आज तक, मैंने अपनी मर्जी से जिया है। मेरा आज तक कोई मालिक नहीं रहा। जितने गार्डियन थे, फेल हो गए। मेरा कोई गार्डियन नहीं बन पाया। और मेरा जीने का तरीका बस इतना सा था कि मुझे करना है तो करना है। मैंने इतना ध्यान रखा कि मेरे कर्म से किसी को तकलीफ ना हो। बस बात खत्म। ये कार्य मुझे ठीक लग रहा है, मैं कर रहा हूँ।

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वीडियो: कैसे पता चलेगा कि मुझे आत्मज्ञान हो गया है ? / योगीजी_का_सत्संग · 2025-04-18