प्रश्नोत्तर P5-0001 · भाग 5
(वही साधिका) क्या आप एक ही कपड़े में रहते हैं? जब वह फटेगा तब दूसरा पहनेंगे? एक कपड़े को भी तो धोना-सुखाना पड़ता होगा।
हां, मैं अभी तक तो एक ही में रहता हूं, आगे का पता नहीं। देखो, अपने पास (इतना) समय (कहां था कि) दो कपड़े रखेंगे, उसको सुखाएंगे — तो उसमें मेरा समय तो जाएगा; फिर उसके लिए एक बैग रखना पड़ेगा। तो मैं पूरी तरह खुला निकलना चाह रहा था, इसीलिए मैं एक कपड़े में रहा। (सुखाना —) शरीर पे ही सूखता है, पहने-पहने ही; मैं तो कई-कई (दिन) निकालता भी नहीं हूं। इसलिए कि समय का अभाव (था) — मेरे पास इतना समय नहीं था, क्योंकि उसमें समय देना पड़ता है ना। (तो समय कहां लगाते हैं?) बस खोज में — पूरा समय इसी में लगाना है; उठते, जाते, सोते, बैठते, हर काम उसी के लिए।
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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17