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प्रश्नोत्तर P4-0195 · भाग 4

(वही साधिका) मेरे एक मित्र कहते थे कि पत्नी के बिना नहीं रह सकते; पत्नी अचानक मर गई, और शव के पास ही वो पूछ रहे थे कि अब मेरी दूसरी शादी कैसे होगी। (क्या वो आत्मा यह सुनकर मुक्ति की तरफ बढ़ेगी?) और क्या पुनर्जन्म, सूक्ष्म शरीर वगैरह होता है? आचार्य प्रशांत जी कहते हैं कि शरीर मिट्टी से पैदा होकर मिट्टी में मिल जाता है, इसके बाद कुछ नहीं।

जिसके लिए उसने पूरा जीवन दे दिया, जिसके साथ (रही), और वो व्यक्ति — अभी उसका शरीर भी नहीं जला है — और कह रहा है मेरी दूसरी शादी हो जाएगी, तो वो (आत्मा) तो मोक्ष की तरफ बढ़ना ही बढ़ना है; इसको दूसरी बीवी मिले या ना मिले, लेकिन उस जीवात्मा की यात्रा जरूर आगे बढ़ जाएगी। (पुनर्जन्म होता है क्या?) देखो, जब आप शरीर छोड़ना, (तब) देख लेना अगला जन्म होता है कि नहीं। (जो लोग कहते हैं कि उन्होंने देखा —) अगर वो देख सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं देख सकता? यही तो उनसे पूछो कि मैं कैसे देखूं। उनके पास जाओ और बोलो — भैया, जैसे आपने देखा, मुझे भी बता दो। (और जो कहते हैं इसके बाद कुछ नहीं है —) इसके बाद जीवन नहीं, लेकिन जीवन के पीछे कोई था या नहीं? (अगर) कोई आत्मा-वात्मा नहीं है, कोई जीवात्मा नहीं, तो फिर ये सब बकवास-बाजी करने की क्या जरूरत है? खाओ, पियो, रहो, क्योंकि एक दिन खत्म हो जाएगा — तो ये खोज किसकी करें? अगर आगे कुछ है ही नहीं, पीछे कुछ है ही नहीं, (और) बोलते हैं इसी जीवन के लिए करना है — इसी जीवन में जो दर्द हो रहा, तकलीफ हो रही, दुख हो रहा, परेशानी हो रही, आगे तो जीवन ही नहीं है — तो फिर छोड़ो, इसी तकलीफ में ही जी लो; कितने लोग तो तकलीफ में ही गुजार देते हैं। जब आगे कुछ (है) नहीं, तो ये तकलीफ कहां से आई? (आपका मानना क्या है?) मेरे मानने से क्या हो जाएगा? मैं तो सिर्फ इतना आपसे कहना चाहता हूं कि इस संसार में कई बालक एक ही दिन पैदा हो रहे हैं — एक अपाहिज, एक सुंदर, एक कुरूप, एक राजा के यहां, एक रंक के यहां; उसने तो अभी कर्म की शुरुआत भी नहीं की — एक ज्ञानी, एक अज्ञानी, एक मंदबुद्धि, एक पागल — क्यों ऐसा? इसका क्या जवाब है आपके पास? (मुझे इस प्रपंच में पड़ना ही क्यों है?) मेरा तो एक ही कहना है — आप जहां उलझे हो, वहां से अपने आप को सुलझा लो, बस; आगे क्या है, पता चल जाएगा। (ओशो के पुनर्जन्म के वीडियो आ रहे हैं, सच मानें या झूठ?) अच्छा, मान ही लो उनका पुनर्जन्म हुआ, तो क्या होगा, और नहीं हुआ तो क्या हो जाएगा? (हमें) तो अपने आप से मतलब (होना चाहिए)। एक समय ऐसा आएगा, पता चल जाएगा।

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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17