प्रश्नोत्तर P4-0173 · भाग 4
(कुटिया में एक युवा साधक) गुरु जी, मैं चीजें ठीक से समझ नहीं पाया। पहली बार वीडियो देखते ही भाव आया था कि यही गुरु है; नर्मदा पर भाव बना कि गुरु जी गले लगाएं और आपने गले लगाया। फिर घर गया तो घुटन-परेशानी रही, वापस आया, पर इस बार मन में संदेह था कि गुरु जी रखेंगे या नहीं, और कई गलतियां हुईं। मैं अब ठीक से पकड़ नहीं पा रहा — मदद कीजिए कि मैं अपने आप को इनसे निकाल पाऊं।
प्रयास करो। कोई प्रश्न आता है तो पूछना। (और मोबाइल —) यहां तो पूरी तरह आपको रहना है; बोल रहे हो, तो पूरी तरह मोबाइल बंद ही कर दो। कोई बात नहीं, लगे रहो। (गलतियां तो हुईं —) आप लोग जांचने लग जाते हो ना — वो पूरे वो वाले संसार से उठ के इधर आए, तो उसी जैसा इधर देख रहे हैं; वह समझ नहीं पा रहे हैं कि ये कुछ अलग है। जांचने में जिंदगी लगा दोगे। हम सोच रहे (कि) जल्दी-जल्दी हो, और लोग जांचने में जीवन लगा दे रहे हैं। जब तुमने भाव बनाया कि गुरु जी मुझे गले लगाएं, (और) लगाया था — उसी समय बात ही खत्म हो गई; तो उसके बाद क्या जांचना रे? कितना जांचोगे भाई? किसी को भी कितना (जांचोगे)? जब सीता जी को एक बार जांचा — ठीक है; दूसरी बार (जांचने लगे तो) बोलीं — माता, अब संभाल लो, क्योंकि अब ये इस लायक ही नहीं कि मैं बार-बार परीक्षा दूं; एक बार तो दिया, कितनी बार दूं? और ये (खुद) परीक्षा देते नहीं हैं, ये बस परीक्षा लेते हैं। तो चलो, इनको तो एक बार दे दिया अपनी पवित्रता का; फिर कह रहे हैं परीक्षा दो — ये खुद गंदे हैं, अब इनके साथ ही नहीं रहना है। पवित्र होने के बाद भी परीक्षा दी, लेकिन मैंने परीक्षा देने के बाद ये नहीं कहा कि तुम परीक्षा दो, क्योंकि मुझे मालूम है अपवित्र तुम हो। लेकिन कितनी बार दे भाई, कितनी बार लोगे? तो सीता माता ने कहा कि हे मां, तू संभाल ले, अब हो गया, अब इनके साथ नहीं रहना है, क्योंकि ये बस हर समय परीक्षा में खड़ा करते हैं। इनकी जिस मशीन से ये परीक्षा ले रहे हैं, वो इनकी मशीन (ही) गड़बड़ है; मशीन तो ठीक भी हो जाए, (ये) खुद ही गड़बड़ हैं। तो फिर क्या होता है? सामने वाला छोड़ देता है — कितना देगा? तुम खुद कह रहे हो कि हमने परीक्षा में तुम्हें पास किया, फिर तुम दूसरे दिन कह रहे हो परीक्षा दो — तो कल क्या किया था, कल कैसे पास किया? और जब पास ही कर दिया, तो फिर परीक्षा का (क्या)? तो हम अपना जीवन परीक्षा देने में ही लगा दें? अब परीक्षा तो दूर की बात — तुम मत दिखना।
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वीडियो: आखिर मेरा कल्याण कैसे हो ?#योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-30