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प्रश्नोत्तर P4-0056 · भाग 4

(लाइव) महात्मा जी प्रणाम। अगर रोग आए, तो चुपचाप अपना कर्म समझकर सह लेना चाहिए, या रोग के इलाज के लिए दूसरों से हाथ जोड़ना चाहिए? (और एक साधक का प्रश्न) परमात्मा के शरणागत होने के बाद क्या रोग परमात्मा पर ही छोड़ देना चाहिए?

हाथ नहीं जोड़ना चाहिए; उचित तरीके से इलाज कराना चाहिए। (परमात्मा के शरणागत —) अब परमात्मा है ही नहीं सामने, तो शरणागत कैसे करोगे? शरणागत भी तो एक कल्पना हो जाएगी आपकी। तो रोग का इलाज (उचित तरीके से कराओ)।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01