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प्रश्नोत्तर P3-0046 · भाग 3

गुरु अनुभव — इतनी बेचैनी कैसे झेली? कैसे पता ठीक हो रहा? हम घबराएं तो?

पता उपलब्धि बाद चला; तब पक्का था पीछे नहीं जाना। विकल्प खत्म। चिल्ला-चिल्ला रोया — पीछे नहीं। कुछ नहीं चाहिए पक्का। ज्यादातर पीछे/नए रिश्ते/नशा। पड़े रहो; सब छूटेगा तब होगा। फैसला अपना — खोज के या खोज में मरूंगा। घबराओ मत; बने रहो, फैसले पे टिके। कुछ नहीं चाहिए में आओ। प्रश्न 'कुछ नहीं हो रहा' गिराओ नहीं तो भगा देगा। पीछे मत, आगे बंधन मत। प्रश्न के साथ खड़े रहो — उत्तर लेके जाऊंगा। ईमानदारी-सत्कर्म; नया राग-द्वेष न बने।

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वीडियो: मेरा हंसना और रोना क्या है ?योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-05