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प्रश्नोत्तर P3-0001 · भाग 3

जिज्ञासु किसे कहते हैं — क्या वही जिसको बहुत हो गया और मूल में स्थिर होना चाहता है? वैराग्य कोई सत्संग दिला सकता है या वैराग्य स्वतः आता है? क्या आप किसी को याद दिला सकते हो?

उसे याद आएगा तो मैं वहां पहुंचने में सहायता कर दूंगा। वैराग्य कोई किसी को दिला नहीं सकता। जैसे आपको अपना गांव याद आ जाए लेकिन रास्ता नहीं मालूम — रास्ते की हेल्प मैं कर सकता हूं, गांव का नहीं। गांव याद है, रास्ता नहीं — तब कोई भी मदद कर सकता है जिसे पता हो। गांव नहीं याद तो मतलब आपको जाना नहीं, आप जहां हो। वैराग्य कैसे लगता है? जहां जिओगे, आपकी समझ से ही लगेगा। जिंदगी जी रहे हो वहां समझ में आएगा कि मेरी जिंदगी का उद्देश्य ये नहीं — रोज वही खाना-कमाना, एक-दो बंगला-गाड़ी; इससे क्या होगा? देख पाओगे — मशीन बन गए, ये जिंदगी नहीं चाहिए। शुरुआत भी पता है, अंत भी; समाज में आनंद में जिए लोगों को भी देखा।

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वीडियो: अपूर्ण से पूर्णता की तरफ कैसे जाएं #योगी · 2026-01-10