प्रश्नोत्तर P21-0067 · भाग 21
गुरु जी, पहले मैं नौकरी करता था पर वहां हर समय बेईमानी करनी पड़ती थी, तो मैंने छोड़ दी। अब बूढ़ी मां और छोटे भाई की जिम्मेदारी है, कोई काम सेट नहीं हो रहा — जिम्मेदारियों को तो नहीं छोड़ सकते ना?
कौन कह रहा है छोड़ो? किसने कहा जिम्मेदारी छोड़नी है? तू आकर बोलेगा कि मुझे तुरंत मुक्ति-मोक्ष चाहिए, तो मैं बोलूंगा सब छोड़; तू बात रख रहा है कि आराम-आराम से निकलूंगा अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, तो वैसा मार्ग बताया जाएगा। तो ईमानदारी से कर्म अपना ले, और आराम-आराम से यात्रा कर। कभी कुटिया में या कहीं एक महीने का एकांत भी जाओ — 11 महीने परिवार को दो, एक महीना अपने आप को दो। आराम-आराम से सत्संग सुन, यात्रा कर।
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वीडियो: हरियाणा सोनीपत में पुनः सत्संग 20 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-20