प्रश्नोत्तर P21-0060 · भाग 21
गुरु जी, कई बार लगता है बस अपने मन की बात करने के लिए कोई चाहिए जो मुझे समझ ले — किसी से जम ही नहीं रही, लोग कहते हैं सारे संसार में तुझे ही कोई नहीं समझ रहा तो शायद तेरे में ही प्रॉब्लम है। क्या करूं?
ये समस्या आपको इस भवसागर से निकाल भी तो देगी। एक भी ऐसा नहीं मिल रहा जो समझ पाए — वो सिर्फ आप हो और एक गुरु, बस। हां, प्रॉब्लम है ना — क्योंकि मैं निकलना चाहता हूं, यही प्रॉब्लम है। अगर मैं यहां रहना चाहता तो प्रॉब्लम नहीं थी। तुम्हारे ग्रुप से एक आदमी जा रहा है तो तुम्हारा ग्रुप कमजोर होगा — जिसको प्रजनन करना है, प्रॉपर्टी बढ़ानी है, उसके लिए तो मैं प्रॉब्लम ही हूं। आप दुनिया के लिए प्रॉब्लम हो।
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वीडियो: हरियाणा सोनीपत में पुनः सत्संग 20 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-20