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प्रश्नोत्तर P20-0171 · भाग 20

कुटिया में लिखी पंक्ति "बेमतलब से आना नहीं, मतलब है तो आना नहीं" का क्या अर्थ है?

मेरे पास देने के लिए कुछ है ही नहीं, इसलिए सीधा लिखवा दिया — इसे पढ़ लो, समझ लो, फिर देखो क्या फैसला लेना है। इसमें पूरा सार है: शुरुआत ईमानदारी, मुक्ति है; बेईमानी, बंधन — आखिरी यही है। जिस मतलब से आते हैं वह दूसरी तरफ बेमतलब हो जाता है, और जो बेमतलब से है वह तीसरी तरफ मतलब से हो जाता है। यह लाइन याद नहीं करनी, समझनी है, उसमें डूबना है — जब तक समझ में न आए, पढ़ते रहो; कोई इसमें चला गया तो अपने आप को पाएगा, इसमें मिलेगा कुछ नहीं।

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