प्रश्नोत्तर P20-0148 · भाग 20
अगर अपने ही लोग — भाई, बहन, मां, बाप — मेरी भावनाओं की कद्र नहीं करते और दबाते हैं, तो क्या करें?
चाहे कोई भी हो, अगर मेरी भावनाओं को कोई नहीं समझता, कद्र नहीं है, तो उस व्यक्ति, उस जगह का त्याग कर दो — त्याग ही परम सुख है, वह त्याग आपको ऊपर उठाएगा। त्याग नहीं किया तो जलील होकर वहीं जिंदगी जियोगे, हमेशा दबे रहोगे और आपकी ऊर्जा कभी जागृत नहीं हो पाएगी। आपके अंदर ताकत है, पर वह तब जागृत होगी जब उनको छोड़ोगे — जहां दबाए जा रहे हो, वहां निर्भर रहोगे तो ताकत हमेशा दबाई जाएगी। ऐसे लोगों के पास रहो जहां आपकी ताकत को उठाया जाए; इसलिए कहता हूं जहां दबाव-संकोच हो वहां बात मत करो।
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वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02