प्रश्नोत्तर P20-0145 · भाग 20
"सारा काम छोड़कर भोजन, और भोजन भी छोड़कर आत्मिक कल्याण" — इसका क्या अर्थ है?
भोजन को साधारण में मत लीजिए। जिंदगी-मौत का सवाल हो और एक तरफ पूरी प्रॉपर्टी, एक तरफ भोजन रखा जाए, तो कोई भी जीव पहले भोजन चुनेगा, क्योंकि रहोगे तो प्रॉपर्टी बना लोगे — परिवार, नाते-रिश्तेदार सब छोड़ देगा। इस जिंदगी में सबसे प्यारा अपना जीवन है और जीवन के लिए भोजन। आत्मिक कल्याण इतना जरूरी है कि सारा काम छोड़कर भोजन, और जरूरत पड़े तो भोजन भी छोड़कर आत्मिक कल्याण — जिस दिन इतना जरूरी समझ लोगे, उस दिन आत्मिक कल्याण होगा। हम तो इसे बुढ़ापे की बात सोचते हैं।
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वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02