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प्रश्नोत्तर P20-0139 · भाग 20

आत्मज्ञानी के साथ चलने वाले साधक कहां पहुंचते हैं — नदी और सागर का उदाहरण क्या है?

सब नदियों में ताकत नहीं होती, कुछ ही नदियां सबको लेकर सागर में समा जाती हैं। ऐसे ही पृथ्वी पर कोई ऊर्जावान व्यक्ति, आत्मज्ञानी, काम करते हुए अपने सब सहयोगियों को लेकर निकल लेता है — पर उसके साथ बहना पड़ेगा। वह गटर को भी उतना ही सम्मान देगा जितना जल को; आत्मज्ञानी के पास कोई भी आए, कभी नहीं कहेगा "जाओ", उसे भी तारने का प्रयास करेगा। अगर कोई कुछ दूर जाकर निकल गया तो उसकी कमी है। साथ न छूटे, सेवा में लग जाओ — एक समय आएगा कि जहां वह पहुंचेगा, वहां आप भी पहुंच जाओगे; साथ छोड़ा तो फिर इसी संसार में आ जाओगे।

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वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02