आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P20-0137 · भाग 20

"ऐसा क्या करूं जो तेरी सेवा हो पाए?" — परमात्मा की सेवा कैसे होती है?

बस यही कर्म है — सत्कर्म और ईमानदारी। अगर आपके जीवन में यह है, तो आप उसके ही काम आ रहे हो और उसकी दुनिया में सहयोग कर रहे हो; निमित्त कोई और है, काम उसका ही हो रहा है, और यही करके उससे मिल सकते हो। हम उनके लिए काम कर रहे हैं जिन्हें हम जानते भी नहीं — अगर मुझे पता होता कौन-कौन लाभ लेगा, तो वे मेरे लोग होते, उसके नहीं। स्कूल में सब पढ़ते हैं, पर सम्मानित टॉप वाले होते हैं — इसमें भी टॉप आना है; सेवा में इतनी मेहनत करो कि मेहनत भी कहे बस कर।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02